यमुनानगर, 29 अगस्त (नवदेश टाइम्स) : जिले के बाड़ीमाजरा इलाके में इन दिनों हालात बेहद खराब बने हुए हैं। यहाँ के लोग सड़क और सीवरेज की बदहाली से इस कदर परेशान हैं कि उनका जीना दुश्वार हो गया है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि सीवरेज की लाइन जमीन में धंस जाने की वजह से एक स्थानीय आंगनवाड़ी केंद्र की दीवार तक गिर गई। गनीमत रही कि उस समय कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन इससे प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पीने के पानी में घुल रहा सीवरेज का गंदा पानी
ग्रामीणों का आरोप है कि सीवरेज का गंदा पानी अब पीने वाले पानी की सप्लाई में मिक्स हो रहा है। नलों से बदबूदार और दूषित पानी आ रहा है, जिसे पीने से लोग कतरा रहे हैं। इलाके में पेट दर्द, उल्टी-दस्त और त्वचा संबंधी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। लोगों को डर सता रहा है कि अगर जल्द ही पीने के पानी की व्यवस्था ठीक नहीं की गई, तो गांव में कोई बड़ी बीमारी या महामारी फैल सकती है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों की सेहत को लेकर परिवार के लोग दिन-रात चिंता में हैं।
चार गांवों का संपर्क टूटा
समस्या सिर्फ सीवरेज तक ही सीमित नहीं है। बाड़ीमाजरा से होकर गुजरने वाली मुख्य सड़क, जो आसपास के चार प्रमुख गांवों को आपस में जोड़ती है, पूरी तरह से धंस चुकी है। सड़क पर इतने बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं कि गाड़ियों का निकलना तो दूर, पैदल चलना भी किसी खतरे से खाली नहीं है। आए दिन बाइक और स्कूटी सवार इन गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। बारिश के दिनों में तो स्थिति और भयावह हो जाती है, जब पूरे रास्ते पर जलभराव हो जाता है और गड्ढे दिखाई तक नहीं देते।
स्थानीय निवासियों ने लगाए नेताओं और अफसरों पर अनदेखी के आरोप
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे इस विकट समस्या को लेकर चुप नहीं बैठे हैं। उन्होंने कई बार अपने क्षेत्र के पार्षद, शहर के मेयर और स्थानीय विधायक तक गुहार लगाई है। नेताओं और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे गए, तस्वीरें दिखाई गईं और मौखिक रूप से भी अपनी परेशानी बताई गई। लेकिन हर बार सिर्फ खोखले आश्वासन ही मिले। प्रशासनिक अनदेखी के कारण महीनों बीत जाने के बाद भी जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
विपक्ष ने उठाए सवाल, कांग्रेस नेता रमन त्यागी ने लिया स्थिति का जायजा
इस पूरे मामले में अब राजनीति भी गर्मा गई है। मौके पर स्थिति का जायजा लेने पहुंचे कांग्रेस नेता रमन त्यागी ने सरकार और स्थानीय प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सीधे तौर पर ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। रमन त्यागी का कहना था कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा गया, जिसकी सजा आज बाड़ीमाजरा की जनता भुगत रही है। उन्होंने जल्द ही जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों से मिलकर इस समस्या के तुरंत समाधान की मांग करने की बात कही है।
ग्रामीणों की चक्का जाम की चेतावनी
दूसरी ओर, अब ग्रामीणों का सब्र पूरी तरह से टूट चुका है। शासन-प्रशासन की इस अनदेखी से नाराज होकर बाड़ीमाजरा के लोगों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। गांव के निवासी अमित कुमार और अन्य ग्रामीणों का कहना है कि अगर प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लेकर धंसी हुई सड़क की मरम्मत नहीं करवाई और सीवरेज तथा पीने के पानी की लाइन को ठीक नहीं किया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि वे आने वाले दिनों में मुख्य मार्ग को पूरी तरह से जाम कर के बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
क्या अब लोगों की चेतवानी के बाद जागेगा नींद में सोया प्रशासन
कुल मिलाकर, बाड़ीमाजरा के लोगों की मांग बहुत साधारण है। उन्हें चलने के लिए एक सुरक्षित सड़क मिले, सीवरेज की व्यवस्था दुरुस्त हो और पीने के लिए साफ पानी मिले। अब देखना यह होगा कि ग्रामीणों की इस आखिरी चेतावनी के बाद भी नींद में सोया प्रशासन जागता है या फिर लोगों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
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